पत्नी और पति

कल मैने एक कविता पोस्ट की थी…पापा। जिसको आप सब ने खूब पसंद किया। उसी मूड में, उसी दिन, मैने दो कविताएँ और लिखी थीं। जिन्हें आज पोस्ट कर रहा हूँ।


पत्नी


प्रेशर कूकर सी
सुबह-शाम आँच परचढ़ती
हवा का रूख देख
खाना पकाती है
दबाव बढ़ते ही
चीखने-चिल्लानेलगती है
पहली सीटी देतेही
दबाव कम कर देनाचाहिए
अधिक हीट होनेपर
ऊपर का सेफ्टीवाल्ब उड़ जाने
या फट जाने काखतरा बना रहता है
पिचक जाने पर
मरम्मत के बजाय
दूसरे की तलाशकरना
अधिक बुद्धिमानीहै।

……………………….
पति

एक शर्ट
जो गंदा होने पर
धुल जाता है
सिकुड़ जाने पर
प्रेस हो जाताहै
बाहर स्मार्ट बनाघूमता है
घर में
हैंगर के प्रश्नचिन्ह की तरह चेहरा लिए
सर पर सवार रहताहै
प्रश्न चिन्ह कोपकड़ कर टांग दो
चुपचाप टंगारहता है
दुर्लभ नहीं है
पैसा हो
तो फट जाने पर
दूसरा
बाजार में
आसानी से मिलजाता है।
………………………………..देवेन्द्र पाण्डेय।
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36 thoughts on “पत्नी और पति

  1. :)लेकिन सीटी कैसे धीमी करनी है ..? कोई ट्रेड सीक्रेट हो तो धीमे से इधर भी पास करियेगा 🙂 और दूसरी में तो आपने नारीवादियों के मन की कह दी ..कोई मोल तोल करने आये तो इधर भी भेजिएगा -यह माल भी कब का बिकाऊ है 🙂

  2. करे आत्मा फिर हमें, अन्दर से बेचैन |ढूंढ़ दूसरी लाइए, निकसे अटपट बैन |निकसे अटपट बैन, कुकर की सीटी बाजी |समझे झटपट सैन, वहीँ से बकता हाँजी |गर रबिकर इक बार, कुकर का होय खात्मा |परमात्मा – विलीन, करे – बेचैन – आत्मा ||

  3. पैसे पर बिकते रहे, तभी तो है यह हाल |मौज अन्य करते रहे, पंडित गुरू दलाल |पंडित गुरू दलाल, पकड़ शादी करवाए |कहो गुरू क्या हाल, पूछने फिर ना आए |फींचा जाता रोज, गजब पटकाता ऐसे |बकरी वाला कथ्य, हगे मिमिया के पैसे ||

  4. घरेलु हिंसा कानून लागु होने के बाद मरम्मत की बात सोचना जरा खतरनाक है और दूसरा खरीदना तो उससे भी अच्छा हो कुकर को फटने न दे और पहली सिटी में ही उसे आंच से उतार कर उसे ठंडा रखे | और पति की हालत तो और भी बुरी कर दी आप ने कुकर तो फिर भी दसको तक चलता है और भारत में तो उससे भी लम्बा पर शर्ट की उम्र तो बहुत कम होती है पैसा कितना भी हो पर बदलेगे कितना :)))

  5. भाई, अगर कुकर फटा तो शर्ट के इतने चीथड़े उड़ेंगे की प्रेस करवाने लायक न बचेगी !मिसिर जी की तरफ़ दो-चार 'सौदे' ज़रूर भेज देना !मज़ेदार कबिताई !

  6. बदलने की बडी चाहत है, इतना आसान होता तो सब सुखी ना हो जाते। शादी करने के बाद तो लगता है कि बस यह प्रयोग और नहीं।

  7. बहुत ठीक है,पति और पत्नी का वर्णन.प्रेसर कुकर की तरह वो भी फट जातीं तो दूसरी लाने का अवसर मिल जाता.

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